अवसर

 

जन्म से लेकर मृत्यु तक यह जीव कितनी गलतियां करता है, लेकिन बहुत कम लोग गलतियां स्वीकार कर पाते हैं और उससे भी कम गलतियां सुधारने में करते हैं। 

जिंदगी के सफर में इंसान गलती करता हुआ, गलती से बहुत कुछ सीखता चला जा रहा है।  छोटी छोटी गलतियां अनदेखी हो ही जाती है। लेकिन अगर बड़ी बड़ी गलतियां करने के बाद भी इंसान नहीं सुधरे तो बहुत बड़ा बेवकूफ़ है 

जिंदगी को गहराई से देखिए भगवान हमे कितने अवसर देते हैं ताकि हम अब भी पश्चाताप करले लेकिन कोन इस पर ध्यान देता है। भगवान तो  भगवान है वह सब पर कृपा करते हैं चाहे वह सज्जन हो या दुष्ट।  मगर  सज्जन गलती स्वीकार कर लेता है और दुष्ट अपने घमंड में रह कर पाप करते चले जाते हैं। भगवान के दिए हुए अवसरों को नहीं पहचानता और अंत में पतन को प्राप्त होता है। 

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