खुशी
खुशी क्या है? जरूरी नहीं हैं कि बड़ी बड़ी बातों में ही हमें खुशी मिले अक्सर छोटी छोटी बातों में भी बहुत खुशी मिल जाती है। बात छोटी हो या बड़ी, अगर हमें खुशी मिल रही है तो हमें खुलकर उस पल में खुशी का अहसास करना चाहिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि बात मामूली है या खास।
समझिये, किसी दिन हमने कोई नया काम किया चाहे वो काम छोटा सा ही हो जैसे हमने एक गुलाब का पौधा लगाया और वो लग गया उसमें गुलाब के फूल खिलने लग गये हमारी मेहनत सफल हुई और हमें बहुत खुशी हो रही है इस बात की।
क्योंकि ये बात हमारे लिए बहुत खास है शायद किसी दूसरे के लिए ना हो दूसरे के घर में हजारों पेड़ ऐसे ही लगे हो, और उस व्यक्ति को हमारा इस बात पर खुश होना अजीब भी लगे मगर हमेशा याद रखना कि जिसे पहले से सब कुछ मिल गया हो उसने वो आंनद खो दिया है जो हमे छोटी छोटी सफलता मिलने पर मिलता है। खुशी के मायने सबके लिए अलग अलग हो सकते है। वजह भी अलग अलग हो सकती है मगर खुशी का असर सब पर एकसा होता है। इसलिए अगर खुशी हो रही है तो कुछ मत सोचो और खुश होवो क्योंकि खुशियाँ सकारित्मकता लाती है।

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